Vitamin B 2-Riboflavin

Vitamin B 2- विटामिन बी 2-Riboflavin-रिबोफ्लेविन

Vitamin B2 , यह भी कहा जाता राइबोफ्लेविन , एक महत्वपूर्ण विटामिन है कि यह भी एक रूप में कार्य करता हैएंटीऑक्सीडेंट शरीर के भीतर। Vitamin B2 स्वस्थ रक्त कोशिकाओं को बनाए रखने, को बढ़ावा देने के लिए मदद करने के लिए जिम्मेदार है ऊर्जा का स्तर , एक स्वस्थ में सुविधाजनक बनाने के  चयापचय , मुक्त कणों से नुकसान को रोकने के लिए, विकास के लिए योगदान, त्वचा और आंख के स्वास्थ्य की रक्षा, और भी अधिक।

क्योंकि यह सभी विटामिन बी की तरह एक पानी में घुलनशील विटामिन है, Vitamin B2 के क्रम में आदर्श हर दिन एक स्वस्थ आहार के माध्यम से प्राप्त किया जाना चाहिए और अक्सर मंगाया, एक राइबोफ्लेविन की कमी से बचने के ।सभी विटामिन बी मदद करने के लिए पचाने और खाद्य पदार्थ खाने से ऊर्जा निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाता है;वे “एटीपी” के रूप में useable ऊर्जा में कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन और पोषक तत्वों से परिवर्तित करके यह करते हैं। इस कारण से, Vitamin B2 आपके शरीर के भीतर हर एक सेल के कामकाज के लिए आवश्यक है, और एक राइबोफ्लेविन की कमी या विटामिन बी की कमी के कारण अपने भोजन में गंभीर साइड इफेक्ट के एक नंबर बना सकते हैं।

Vitamin B2 अन्य विटामिन बी, जो “बी विटामिन जटिल” को बनाने के साथ संयोजन में इस्तेमाल किया जाता है।वास्तव में बी 2 अनुमति देने के लिए शरीर में उच्च पर्याप्त मात्रा में मौजूद होना चाहिए बी -6 और फोलिक एसिड ठीक से अपने काम करने के लिए। सहित अन्य विटामिन बी सभी विटामिन बी योगदान सहित महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जिम्मेदार हैं तंत्रिका स्वास्थ्य, हृदय और रक्त स्वास्थ्य, त्वचा और करने के लिए नेत्र स्वास्थ्य, सूजन, हार्मोनल समारोह, को कम करने और एक स्वस्थ चयापचय और पाचन प्रणाली को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

विटामिन बी2 के जानने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य-

  • विटामिन बी2 को विटामिन `जी´ भी कहा जाता है।
  • विटामिन बी2 यीस्ट लीवर एक्स्ट्रैक्ट, गेहूं के अंकुर, दूध आदि में पाया जाता है।
  • शरीर में विटामिन बी2 की कमी हो जाने पर शरीर को स्वस्थ बनाये रखने के लिए यह विटामिन एक से तीन मिलीग्राम तक पर्याप्त होता है।
  • इस विटामिन को रिबोफ्लेबिन कहा जाता है।
  • विटामिन बी2 पीले रंग का होता है।
  • विटामिन बी2 पानी में कम घुलता है।
  • विटामिन बी2 सोडा बाई कार्ब के संपर्क में आकर नष्ट हो जाता है।
  • इस विटामिन को वैज्ञानिक भाषा में लैक्टोफ्लेबिन भी कहा जाता है। किये गये परीक्षणों से ज्ञात हुआ है कि शरीर में विटामिन बी1 और विटामिन बी2 की कमी एक साथ होती है।
    ध्यान रहे विटामिन बी-काम्पलेक्स में प्रत्येक तत्व की एक साथ कमी हो जाती है।
  • विटामिन बी2 की कमी से आंखें चुंधिया जाने का रोग हो जाता है।
  • विटामिन बी2 की कमी की सबसे प्रमुख पहचान मुंह के कोनों पर पीलापन छा जाना होता है।
  • विटामिन बी2 की कमी से नाक में सूजन आ जाती है।
  • विटामिन बी2 की कमी से आंखों की रोशनी में धुंधलापन आने लगता है।
  • विटामिन बी2 की कमी से आंखों में सूजन आ जाती है।
  • एक रोगी व्यक्ति को प्रतिदिन विटामिन बी2 की मात्रा 50 मिलीग्राम दी जानी चाहिए।
  • चेहरे के कील-मुंहासों का एक कारण शरीर में विटामिन बी2 की कमी हो जाना होता है।
  • जीभ तथा होठों के रोग विटामिन बी2 की कमी से होते हैं।
  • दूरस्थ तंत्रिकाओं के विकार विटामिन बी2 की कमी से होते हैं।
  • आवश्यकता से अधिक विटामिन हो जाने पर विटामिन बी2 पेशाब के साथ बाहर निकल जाता है।
  • शरीर में विटामिन बी2 की कमी से महिलाओं को योनि की खुजली हो जाती है।
  • मुखपाक (मुंह के छाले) विटामिन बी2 की कमी से होता है।
  • विटामिन बी2 की कमी से आंखों के अनेक रोग शरीर को घेर लेते हैं। जिसमें आंखों का रूखापन, आंखों की सूजन तथा रोहें प्रमुख हैं।
  • विटामिन बी2 की कमी से आंसू निकलने लगते हैं।
  • दूध, मछली तथा खमीर से विटामिन बी2 प्रचुर मात्रा में प्राप्त होता है।
  • विटामिन बी2 की कमी से पलकों में जलन और खाज होने लगती है।
  • कार्निया की सूजन विटामिन बी2 की कमी से होती है।
  • होंठ फटने का मुख्य कारण शरीर में विटामिन बी2 की कमी होता है।

मुख्य कार्य:

  • लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में शामिल;
  • एंटीबॉडी के गठन में शामिल;
  • जीव के विकास को नियंत्रित करता है;
  • प्रजनन कार्यों को नियंत्रित करता है;
  • स्वस्थ नाखून, त्वचा, बाल विकास को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण;
  • थायरॉयड ग्रंथि के समुचित कार्य के लिए आवश्यक;

विटामिन बी B2 के स्रोत

  • टमाटर
  • पालक
  • बन्दगोभी
  • दूध
  • यीस्ट
  • लीवर
  • आसव अरिष्ट
  • मछली
  • खमीर
  • अण्डे की सफेदी
  • चावल की भूसी
  • माल्टा
  • गाजर
  • फलियां
  • चावल
  • मास
  • मटर
  • दाल
  • अंडे की ज़र्दी

विटामिन B2 की कमी से होने वाले रोग

  • रक्ताल्पता
  • थकान
  • नस की क्षति
  • एक सुस्त चयापचय
  • मुंह या होंठ घावों या दरारें
  • त्वचा में सूजन और त्वचा रोग, विशेष रूप से नाक और चेहरे के चारों ओर
  • सूजन मुंह और जीभ
  • गले में खरास
  • बलगम झिल्ली में सूजन
  • और इस तरह की वृद्धि की चिंता के रूप में मूड में परिवर्तन, अवसाद के लक्षण
  • जीभ का रंग लाल होना, छाले निकलना, जीभ का सूज जाना।
  • नाक का पकना व सूजना।
  • आंख में जलन व सूजन, धुंधलापन होना।
  • कान के पीछे खुजली होना।
  • योनि की खुजली।

नोट-
एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन विटामिन बी2 की 3 मिलीग्राम तक की मात्रा की आवश्यकता होती है। लेकिन एक रोगी को 50 मिलीग्राम प्रतिदिन विटामिन बी2 की आवश्यकता रहती है।

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